Shivnavratri Festival: ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भी शिवनवरात्र उत्सव पूरे 10 दिन मनेगा। भक्तों को नौ के बजाया 10 दिन भगवान के विशेष शृंगार के दर्श …और पढ़ें
HighLights
- शिवनवरात्र उत्सव के दौरान अष्टमी तिथि दो दिन रहेगी
- धर्मशास्त्र के जानकारों का मत तिथि वृद्धि शुभ
- 6 फरवरी को फाल्गुन पंचमी से शिवनवरात्र की शुरुआत
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। शिव आराधना का पर्व शिव नवरात्र इस बार नौ की बजाय 10 दिन का रहेगा। धर्मशास्त्र के जानकारों के अनुसार शिव की साधना हो या शक्ति की उपासना अगर नवरात्र में तिथि की वृद्धि होती है, तो इसे शुभ माना जाता है। इस बार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि से त्रयोदशी तक 10 दिन शिवनवरात्र उत्सव मनाया जाएगा। इसमें अष्टमी तिथि दो दिन रहेगी, जो साधना आराधना की दृष्टि से बेहद शुभ है।
ज्योतिर्विद पं.हरिहर पंड्या ने बताया शिवनवरात्र में तिथि की वृद्धि होना बेहद शुभ व श्रेष्ठ है। शास्त्रों में कहा गया है ‘अधिकस्य अधिकं फलं’ अर्थात तिथि की अधिकता ज्यादा फल प्रदान करती है। साधना का अवसर एक दिन अधिक मिलता है। 6 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण पंचमी से शिवनवरात्र की शुरुआत होगी। 15 फरवरी को त्रयोदशी पर महाशिवरात्रि का पर्वकाल रहेगा।
9 फरवरी सोमवार तथा 18 फरवरी मंगलवार को दो दिन अष्टमी तिथि रहेगी। कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी कहा जाता है। वहीं शुक्ल पक्ष की अष्टमी दुर्गा अष्टमी कहलाती है। कालाष्टमी भगवान शिव के अंशावतार भैरव का दिन है। शिव नवरात्र में इस दिन शिव के साथ भैरव का पूजन भी मनोवांछित फल प्रदान करता है।
शिव नवरात्र के नौ दिन यह करें
शिव का अर्थ ही कल्याण है, वे आशुतोष भी कहे गए हैं, इसका अर्थ है केवल एक लोटा जल, फूल व बिल्व पत्र से ही वे प्रसन्न हो जाते हैं। फिर भी शिवनवरात्र में यथा साध्य व यथा शक्ति के उनकी पूजा करना चाहिए। शरीर साथ दे, तो उपवास रखें किंतु चित्त में चंचलता व वाणि में विकार नहीं होना चाहिए। नौ दिन तक भगवान को शिव पंचाक्षर, शिव महिम्नस्तोत्र, रूद्राष्टक आदि पाठ सुनाएं निश्चित ही मंगल होगा।
महाकाल वन में सभी शिवलिंग महाकाल
अवंतिकातीर्थ महाकाल वन में जितने भी शिवलिंग हैं, वे सभी महाकाल हैं। इनकी पूजा से ज्योतिर्लिंग महाकाल की पूजा का ही पुण्य फल प्राप्त होता है। उज्जैन में रहने वाले तथा यहां दर्शन करने आने वाले सौभाग्यशाली हैं कि वे चौरासी महादेव सहित किसी भी शिव मंदिर में पूजा करेंगे उन्हें महाकाल की पूजा का ही पुण्य फल प्राप्त होगा। इसलिए किसी भी शिव मंदिर में बैठकर यथा विधि पूजा अर्चना कर सकते हैं।
महाकाल के शृंगार के लिए मुखारविंद का निर्धारण होगा
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भी शिवनवरात्र उत्सव पूरे 10 दिन मनेगा। भक्तों को नौ के बजाया 10 दिन भगवान के विशेष शृंगार के दर्शन होंगे। पं.आशीष पुजारी ने बताया इस बार शिवनवरात्र 10 दिन की है। शिवनवरात्र के नौ दिन भगवान का अलग-अलग शृंगार मंदिर की पूजन परंपरा, तिथि तथा धर्मशास्त्र की मान्यता के अनुसार होता है। तिथि वृद्धि होने से बढ़ी हुई तिथि पर भगवान का किस रूप में शृंगार करें, इस पर विचार विमर्श के बाद मंदिर समिति को अवगत कराया जाएगा।

