उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में पुजारी, पुरोहितों के साथ मंदिर के कर्मचारियों के लिए अब ड्रेस कोड तैयार होने जा रहा है। दरअसल इनकी पहचान के मंदिर प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ रहा है। महाकाल मंदिर में 16 पुजारी, 22 पुरोहित, 45 से अधिक सेवक तथा मंदिर समिति के करीब 350 कर्मचारी कार्यरत हैं।
Publish Date: Wed, 10 Dec 2025 08:24:02 AM (IST)
Updated Date: Wed, 10 Dec 2025 08:25:41 AM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में पुजारी, पुरोहित, उनके सेवक सहित अन्य मंदिर के कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड तय होगा। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि पुजारी, पुरोहित व सेवक की पहचान के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड लागू करना अनिवार्य है। फिलहाल पुजारी और पुरोहितों के लिए पारंपरिक सोला व बनियान जबकि उनके सेवकों के लिए कुर्ता पायजामा निर्धारित किया गया है। यूनिफार्म के साथ सभी को आई कार्ड भी लगाना होगा।
महाकाल मंदिर में 16 पुजारी, 22 पुरोहित, 45 से अधिक सेवक तथा मंदिर समिति के करीब 350 कर्मचारी कार्यरत हैं। अभी तक केवल कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य था। पुजारी, पुरोहित और उनके प्रतिनिधि सोला पहनकर मंदिर आ रहे थे। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
सोला पहनकर मंदिर में आ जाते हैं लोग
कुछ अनधिकृत लोग भी सोला पहनकर मंदिर आ जाते थे। इस समस्या से निजात पाने के लिए अलग-अलग ड्रेसकोड लागू करने का निर्णय लिया है। महाकाल मंदिर में पहले ड्रेसकोड लागू किया गया था। लेकिन मानीटरिंग के अभाव में ज्यादा दिन तक यह व्यवस्था चल नहीं पाई थी।

