Mahakal Mandir News

उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रावण की तैयारी, पहली बार सामान्य दर्शनार्थियों को दो द्वारों से दिया जाएगा प्रवेश


महाकाल मंदिर में इस बार 30 जुलाई से 7 सितंबर तक श्रावण-भाद्रपद महापर्व मनाया जाएगा। इस पुण्य पवित्र मास में देशभर से लाखों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 27 Jun 2026 10:55:52 AM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jun 2026 10:55:52 AM (IST)

उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रावण की तैयारी, पहली बार सामान्य दर्शनार्थियों को दो द्वारों से दिया जाएगा प्रवेश
भगवान महाकाल। हरसिद्धि चौराहा से प्रवेश व्यवस्था। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भक्तों को 40 मिनट में होंगे भगवान के दर्शन, कावड़ यात्रियों को भी लिए भी की जाएगी विशेष व्यवस्था
  2. कांवड़ यात्रियों के लिए जलाभिषेक व दर्शन की विशेष व्यवस्था की जा रही है
  3. इस पुण्य पवित्र मास में देशभर से लाखों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आएंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए पहले से ही पर्याप्त इंतजाम कर लिए हैं। इस बार सामान्य दर्शनार्थियों को द्वारों से प्रवेश दिया जाएगा।

मंदिर प्रशासन ने श्री महाकाल महालोक के अलावा हरसिद्धि चौराहा से नया एंट्री गेट तैयार कर लिया है। इस व्यवस्था से भक्तों को मात्र 40 मिनट में भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। कावड़ यात्रियों के लिए जलाभिषेक व दर्शन की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर में इस बार 30 जुलाई से 7 सितंबर तक श्रावण-भाद्रपद महापर्व मनाया जाएगा। इस पुण्य पवित्र मास में देशभर से लाखों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आएंगे। सावन-भादौ मास में प्रत्येक सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी भी निकाली जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक शनिवार गीत, संगीत व नृत्य से सजी छह शाम भी आयोजित होगी। इसमें स्थानीय के अलावा देश के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार प्रस्तुति देंगे। मंदिर प्रशासन ने उत्सव त्रिवेणी के इन प्रमुख अंगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए करीब एक पखवाड़े पहले से तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले दर्शन व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।

हरसिद्धि चौराहा से प्रवेश, भीड़ नियंत्रण की रणनीति

मंदिर प्रशासन को श्रावण-भाद्रपद मास के आम दिनों में तीन से चार लाख तथा शनिवार, रविवार व सोमवार को 5 से 7 लाख भक्तों के आने का अनुमान है। इसी को देखते हुए भीड़ नियत्रण के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ का दबाव एक स्थान से हटाकर दो तरह बांटा जाए। इसलिए मंदिर प्रशासन ने एक पखवाड़ा पहले से श्री महाकाल महालोक के साथ हरसिद्धि चौराहा से भी सामान्य व शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों का प्रवेश शुरू कर दिया है। दर्शन मार्ग पर विक्रम टीले के समीप लड्डू प्रसाद काउंटर, शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, खोया-पाया केंद्र जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।

कावड़ यात्रियों को विशेष द्वार से प्रवेश

श्रावण मास में भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने आने वाले यात्रियों को सप्ताह में चार दिन विशेष द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। शनिवार, रविवार व सोमवार को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में आने वाले कावड़ियों को सामान्य दर्शनार्थियों के साथ कतार में लगकर भगवान महाकाल के दर्शन व जलाभिषेक करना पड़ेंगे।

भक्तों के लिए जल्दी जागेंगे महाकाल

श्रावण-भाद्रपद मास में भगवान महाकाल भक्तों के लिए जल्दी जागेंगे। मंदिर की परंपरा अनुसार 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रति रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती होगी। वहीं सप्ताह के शेष दिन रात 3 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे तथा भस्म आरती होगी। बता दें महापर्वों को छोड़कर वर्षभर में भगवान महाकाल तड़के 4 बजे जागते हैं, इसके बाद भस्म आरती होती है। पर्व विशेष पर यह व्यवस्था इसलिए रहती है कि अधिक भक्तों को दर्शन का लाभ मिल सके।

श्रावण में महाकाल की सवारी कब-कब

  • 3 अगस्त : श्रावण की पहली सवारी
  • 10 अगस्त : श्रावण की दूसरी सवारी
  • 17 अगस्त : श्रावण की तीसरी सवारी
  • 24 अगस्त : श्रावण की चौथी सवारी
  • 31अगस्त : भाद्रपद की पहली सवारी
  • 07 सितंबर : श्रावण-भाद्रपद मास की राजसी सवारी

उज्जैन में महापर्वों की तरह हरसिद्धि चौराहा से शुरू की भगवान महाकाल के दर्शन की व्यवस्था



Source link

Exit mobile version