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उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, यहां तिथि के अनुसार मनाते हैं राष्ट्रीय पर्व


Independence Day 2026: देशभर में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा, लेकिन उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में इस बार आजादी का पर्व 11 अगस्त को मनाया ज…और पढ़ें

Publish Date: Sat, 25 Jul 2026 07:58:06 AM (IST)Updated Date: Sat, 25 Jul 2026 08:11:56 AM (IST)

उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, यहां तिथि के अनुसार मनाते हैं राष्ट्रीय पर्व
उज्जैन बड़े गणेश मंदिर। फाइल फोटो

HighLights

  1. भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी
  2. उस दिन पंचाग अनुसार श्रावण कृष्ण चतुर्दशी थी
  3. इस साल यह तिथि 11 अगस्त को पड़ रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। देशभर में स्वतंत्रता दिवस भले ही 15 अगस्त को मनेगा, लेकिन धर्मधानी उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में आजादी का उत्सव 11 अगस्त को मनाया जाएगा। इसकी वजह मंदिर की वह अनूठी परंपरा है, जिसके तहत राष्ट्रीय पर्व अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख के बजाय उस वैदिक तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, जिस तिथि पर ऐतिहासिक घटना घटी थी।

पंचांगकर्ता, ज्योतिर्विद पं. आनंद शंकर व्यास ने बताया भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। उस दिन श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी। इस वर्ष यही तिथि 11 अगस्त को पड़ रही है। इसलिए मंदिर में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन चार दिन पहले मनाया जाएगा। मंदिर में सुबह गणतंत्र के आराध्य देव बड़े गणेश का अभिषेक पूजन कर गणपति स्तोत्र के सहस्त्र पाठ होंगे। इसके बाद ध्वजारोहण होगा।

राष्ट्रगान के साथ भारत माता का पूजन किया जाएगा तथा स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस अवसर पर देशभक्ति के गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रसाद वितरण भी होगा।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक इस आयोजन में शामिल होंगे। पं.व्यास ने बताया बड़े गणेश मंदिर में 15 अगस्त, 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व तथा महापुरुषों की जयंती तिथि अनुसार मनाने की यह परंपरा वर्षों पुरानी है। इसके अलावा हिन्दी दिवस भी तिथि के अनुसार मनाया जाता है।

क्यों है मान्यता

पं. व्यास ने बताया सनातन धर्म परंपरा को मानने वाले हर हिन्दू धर्मावलंबी के दिन की शुरुआत पंचांग के अनुसार होती है, उसी के अनुसार दैनंदिनी के कार्यक्रम तय होते हैं। अर्थात व्यक्ति वार के अनुसार व्रत रखता है, संबंधित ग्रह व देवी देवताओं की उपासना करता है। जन्म के बाद व्यक्ति की कुंडली भी तिथि, वार, योग, नक्षत्र के अनुसार बनाई जाती है।



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