नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में पिपलीनाका से भैरवगढ़ तक प्रस्तावित मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा गुरुवार को अपनी ही सरकार और प्रशासन के सामने खड़े हो गए।
प्रभावित परिवारों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कलेक्टर को सीधी चेतावनी देते हुए कहा- यदि सड़क का चौड़ीकरण 24 मीटर से अधिक किया गया तो वह जनता के साथ आंदोलन करेंगे।
विधायक की चेतावनी और आंदोलन का रुख
गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में चौड़ीकरण से प्रभावित लोग विधायक कालूहेड़ा के मणि पार्क स्थित कार्यालय पहुंचे। लोगों ने बताया कि प्रस्तावित चौड़ीकरण से सैकड़ों मकान और दुकानें प्रभावित होंगी, जिससे कई परिवारों के सामने बेघर होने और आजीविका छीनने का संकट खड़ा हो गया है।
इस पर विधायक ने कहा कि विकास का कोई विरोध नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर लोगों के घर-रोजगार उजाड़ना स्वीकार्य नहीं होगा।
कलेक्टर को सीधी चेतावनी
उन्होंने मौके पर ही कलेक्टर को मोबाइल पर काल कर कहा कि 24 मीटर से ज्यादा चौड़ीकरण किया तो वह खुद भी प्रभावित लोगों के साथ आंदोलन करेंगे। विधायक ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी आवाज सरकार और मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
प्रभावित परिवारों का आंकड़ा
200 मकान और 1300 लोग हो सकते हैं प्रभावित- वहीं, प्रभावित परिवारों के अनुसार, पिपलीनाका से भैरवगढ़ मार्ग चौड़ीकरण से लगभग 200 मकान और करीब 1300 लोग प्रभावित हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि यदि सड़क की चौड़ाई 30 मीटर की बजाय 24 मीटर कर दी जाए तो कई परिवार उजड़ने से बच सकते हैं।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
विधायक कालूहेड़ा ने मीडिया से कहा कि कई अधिकारी सही स्थिति मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचा रहे हैं, जिससे योजनाओं को लेकर भ्रम और असंतोष की स्थिति बनती है। वह इस मामले में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से चर्चा करेंगे।
जनभावनाओं का सम्मान नहीं किया गया तो कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेंगे। यदि जनता का सम्मान नहीं तो मुझे विधायक बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
पूर्व का विरोध और वर्तमान स्थिति
विधायक ने कहा कि क्या यह मुगल काल की स्थिति है कि लोगों को परीक्षा और होली जैसे समय में मकान तोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले विधायक कालूहेड़ा सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित लैंड पुलिंग योजना का भी पुरजोर विरोध कर चुके हैं। बाद में मुख्यमंत्री ने यह योजना निरस्त कर दी थी।
मामला मेरे संज्ञान में है। विधायक से चर्चा करेंगे। जैसी स्थिति बनेगी, वैसा निर्णय करेंगे। – हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

