इंदौर ने पूरे देश के लिए एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। इंदौर की कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और सफाई व्यवस्था ने देशभर के शहरों के लिए नई दिशा तय की है। अ …और पढ़ें

HighLights
- बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए देशभर में 20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे
- इनमें से एक करोड़ स्मार्ट मीटर मध्यप्रदेश में स्थापित किए जाएंगे
- सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में स्वच्छता, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को उज्जैन में कहा कि इंदौर के स्वच्छता मॉडल को पूरे देश में लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार काम करेगी।
उन्होंने बताया कि बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए देशभर में 20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जिनमें एक करोड़ मध्यप्रदेश में स्थापित होंगे। साथ ही सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में स्वच्छता, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस रखा जाएगा।
खट्टर ने यह बातें प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठकों के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश, विशेषकर इंदौर ने पूरे देश के लिए एक सफल माडल प्रस्तुत किया है। इंदौर की कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और सफाई व्यवस्था ने देशभर के शहरों के लिए नई दिशा तय की है। अब केंद्र सरकार इस मॉडल के प्रमुख तत्वों को अन्य राज्यों और शहरों में लागू करने की योजना पर काम कर रही है।
शहरी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को लेकर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तैयारियां कर रही हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए शहर में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, सीवरेज और अन्य शहरी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय की ओर से उज्जैन के विकास के लिए 106 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं की जानकारी देते हुए खट्टर ने कहा कि देश में स्मार्ट मीटरिंग अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। 20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे बिजली खपत की रियल टाइम निगरानी, पारदर्शी बिलिंग और राजस्व प्रबंधन में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश को इस अभियान में विशेष प्राथमिकता दी गई है और यहां एक करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
सरकार चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड मीटर प्रणाली लागू करेगी
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड मीटर प्रणाली लागू करेगी। पहले चरण में शासकीय कार्यालयों और संस्थानों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे, जबकि बाद में औद्योगिक इकाइयों को इससे जोड़ा जाएगा।बैठक में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी भी मौजूद रहे। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, आरडीएसएस योजना, शहरी विकास कार्यों तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।
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