श्रावण मास में उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर आने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए बड़ी राहत है।

HighLights
- कांवड़ियों को हरसिद्धि चौराहा और गेट नंबर 1 से प्रवेश मिलेगा
- ये द्वार 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वालों के लिए आरक्षित हैं
- सभा मंडप में विशेष जल पात्र लगाए जाएंगे, यहीं अर्पित किया जा सकेगा जल
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में देशभर से आने वाले कांवड़ यात्रियों को सप्ताह में चार दिन जल अर्पण के लिए वीआईपी सुविधा दी जाएगी। मंदिर समिति ने विशेष दर्शन व्यवस्था के अंतर्गत कांवड़ियों को प्रति सप्ताह मंगलवार से शुक्रवार हरसिद्धि चौराहा तथा गेट नं.1 से प्रवेश देना सुनिश्चित किया है। यह द्वार 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों के लिए आरक्षित है।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया श्रावण मास में कांवड़ यात्री देश के कोने-कोने से पवित्र नदियों का जल लेकर पद यात्रा करते हुए भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने उज्जैन आते हैं। हजारों किलो मीटर का सफर तय कर जब यह महाकाल के द्वार आते हैं, तो इनकी इच्छा केवल बाबा की एक झलक पाने और उन्हें जल अर्पण की होती है।
ऐसे भक्त जो दूर दराज से पैदल चलकर महाकाल के द्वार पहुंचते हैं, उन्हें बिना किसी बाधा के भगवान के शीघ्र दर्शन कराने के लिए विशेष द्वारों से प्रवेश की व्यवस्था की है, जो श्रद्धालु मंगलवार से शुक्रवार को मंदिर पहुंचेंगे उन्हें उक्त विशेष द्वारों से प्रवेश दिया जाएगा। लेकिन जो कावड़ यात्री शनिवार-रविवार व सोमवार को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में मंदिर पहुंचेंगे, उन्हें सामान्य दर्शनार्थियों के साथ कतार में लगाकर भगवान के दर्शन करना पड़ेंगे।
सभा मंडप में लगाएंगे जल पात्र
भगवान महाकाल को जल अर्पण करने के लिए सभा मंडप में जल पात्र लगाए जाएंगे। कांवड़ यात्री जल पात्र से जल अर्पण करेंगे तथा बैरिकेड से दर्शन कर निर्गम द्वार से मंदिर के बाहर निकलकर गंतव्य को रवाना होंगे।
निश्शुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था
मंदिर समिति श्रावण मास में देशभर से आने वाले कावड़ यात्रियों को निश्शुल्क भोजन प्रसादी की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। इसके लिए इंदौर रोड पर अस्थायी अन्नक्षेत्र बनाया जाएगा, जहां चलित भंडारे में महाप्रसादी की सुविधा रहेगी।