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महाकाल मंदिर में लेजर शो अब नहीं रहेगा मुफ्त, देना होंगे 100 रुपये, सात महीने तक चला निश्शुल्क


18 करोड़ रुपये से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मप्र पर्यटन विकास निगम द्वारा तैयार किए गए लेजर शो का उद्घाटन पिछले वर्ष 25 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डा. …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 02:58:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 02:58:24 PM (IST)

महाकाल मंदिर में लेजर शो अब नहीं रहेगा मुफ्त, देना होंगे 100 रुपये, सात महीने तक चला निश्शुल्क
भगवान महाकाल का शृंगार। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. महाकाल मंदिर दर्शनों के लिए आने वालों को अब लेजर शो मुफ्त देखने को नहीं मिलेगा
  2. श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने शो देखने के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया है
  3. श्रद्धालुओं को अब शो देखने के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का शुल्क देना होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल मंदिर दर्शनों के लिए आने वालों को अब लेजर शो मुफ्त देखने को नहीं मिलेगा। श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने शो देखने के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया है। श्रद्धालुओं को अब शो देखने के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का शुल्क देना होगा। इस शुल्क व्यवस्था को लागू भी कर दिया गया है।

18 करोड़ रुपये से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मप्र पर्यटन विकास निगम द्वारा तैयार किए गए लेजर शो का उद्घाटन पिछले वर्ष 25 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने किया था। श्रद्धालुओं को 25 मिनट तक यह शो बिना कोई शुल्क लिए मुफ्त में ही दिखाया जाता रहा। इसमें श्रद्धालुओं को वाटर स्क्रीन, फाउंटेन, लेजर लाइट और साउंड इफेक्ट्स के माध्यम से भगवान महाकाल के दर्शन होते थे।

शो के संचालन और रखरखाव पर प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये का खर्च आ रहा है

मां शिप्रा और उज्जैन के पौराणिक महत्व को बताया जाता था। शुल्क लगाए जाने के पीछे प्रशासन द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि इस शो के संचालन और रखरखाव पर प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये का खर्च आ रहा है। इस खर्च की व्यवस्था करने और अन्य व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से शो का शुल्क लागू किया गया है। हालांकि कुछ महीने पहले संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी शुल्क लेना शुरू किया गया।

भस्मारती, संध्या आरती, शयन आरती के बाद अब शो को भी सशुल्क बना दिया गया है

यानी अब महाकाल मंदिर में धीरे-धीरे भस्मारती, संध्या आरती, शयन आरती तो सशुल्क हो ही गई साथ ही अब शो को भी सशुल्क बना दिया। हालांकि श्रद्धालुओं ने शो के शुल्क रखने को गलत बताया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब मंदिर को अन्य प्रकल्प से इतनी आय बढ़ी है तो एक शो का खर्च तो प्रशासन वहन कर ही सकता है। खैर, जो भी हो श्रद्धालुओं पर प्रशासन द्वारा मंदिर में दर्शनों के नाम पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है।



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