Ujjain Chadhava Chori Remark: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी के मंदिरों में पुजारियों की ड्रेस में जेब नहीं होनी चाहिए वाले बयान…और पढ़ें

HighLights
- पं. महेश पुजारी ने कहा- बयान पुजारी समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है
- महंत माफी नहीं मांगते हैं तो देशभर में पुतला दहन किया जाएगा
- पं. महेश ने पलटवार करते हुए कहा कि महंत अखाड़ों की व्यवस्था देखें
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मंदिरों में चढ़ावा चोरी और उसकी व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी के हालिया बयान के बाद उज्जैन में संत और पुजारी आमने-सामने आ गए हैं। महंत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. महेश पुजारी ने कहा कि चढ़ावा चोरी के किसी भी प्रकरण में पुजारी का नाम सामने नहीं आया है।
ऐसे में पुजारी समाज को कटघरे में खड़े करने वाला बयान स्वीकार्य नहीं हैं, देशभर में इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। पं. महेश पुजारी ने कहा कि अनादिकाल से पुजारी मंदिरों की परंपरा और धार्मिक व्यवस्थाओं को अक्षुण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पुजारी दान, दक्षिणा प्राप्त करने के अधिकारी हैं। देश में सदियों से यह धर्मसम्मत व्यवस्था चली आ रही है। महंत रविंद्रपुरी का यह बयान की मंदिरों में पुजारी की ड्रेस में जेब नहीं होना चाहिए, उन्हें चोर साबित करने वाला है।
माफी नहीं मांगने पर पुतला दहन
इस गैर जिम्मेदाराना बयान ने सनातन व्यवस्था के साथ पुजारियों के मान सम्मान व चरित्र को लांछित किया है। अभा पुजारी महासंघ इस दुर्भावना पूर्ण बयान का देशभर में पुरजोर विरोध करेगा। महंत रविंद्रपुरी के बयान वापस नहीं लेने अथवा पुजारियों से माफी नहीं मांगने पर देशभर में उनका पुतला दहन भी किया जा सकता है।
पं.महेश पुजारी ने कहा कि महंत रविंद्रपुरी पुजारियों की जेब पर नहीं, अखाड़ों की व्यवस्था पर ध्यान दें। क्योंकि जप, तप, व्रत व अनुष्ठान के केंद्र अखाड़ों ने मेरिजगार्डन का रूप ले लिया हैं, यहां शादी, ब्याह और डीजे की धुन पर पार्टियां हो रही हैं।
बता दें कि दो दिन पहले उज्जैन में आयोजित एक कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने देश के मंदिरों में हुई चंदा चोरी के मामले में कहा था कि मंदिर में पुजारियों की ड्रेस में जेब नहीं होना चाहिए।
यह भी पढ़ें : उज्जैन में सावन-भादौ मास में होगी सिंहस्थ 2028 में की जाने वाली व्यवस्थाओं की रिहर्सल