उज्जैन मंडी में करीब तीन लाख क्विंटल गेहूं इस सीजन में बिक चुका है। इसमें से 75 फ़ीसदी गेहूं 2200 से 2500 रुपये क्विंटल के भाव में बिका है। …और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए समर्थ नहीं दिखाई दे रही है। बीते एक माह मे दो से तीन बार तारीख बढ़ाकर अब 10 अप्रैल से खरीदी बात की जा रही है। जबकि बीते दो माह से जिले की कृषि मंडियों में किसानों का लाखों क्विंटल नया गेहूं ओने पौने भाव में बिक चुका है। इससे किसानों में आक्रोश है।
किसान संघ का कहना है कि तारीख बढ़ाए जाने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बता दें उज्जैन मंडी में करीब तीन लाख क्विंटल गेहूं इस सीजन में बिक चुका है। इसमें से 75 फ़ीसदी गेहूं 2200 से 2500 रुपये क्विंटल के भाव में बिका है।
यही गेहूं समर्थन मूल्य पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल में बिकता। ऐसे में किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। भारतीय किसान संघ के भारत सिंह बैस ने कहा कि सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर टालमटोल कर रही है। जिससे किसानों काफी नुकसान हो रहा है।
हम 6 अप्रैल को प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। अभी भी सरकार की खरीदी को लेकर समुचित व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में सरकारी तोल कांटे पर अपनी गेहूं बिक्री के लिए किसानों के परेशान होने की संभावना है। हालांकि सरकारी अधिकारी इस मामले में स्पष्ट कह रहे हैं कि सरकार 10 अप्रैल से समर्थन पर गेहूं खरीदी करेगी।
शरबती गेहूं 4171 रुपये क्विंटल बिका, आवक 55 बोरी
उज्जैन कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को गुड फ्रायडे का अवकाश होने के बावजूद व्यापारी संघ की सहमति से मंडी समिति ने मंडी संचालन जारी रखा। नीलामी में 18 हजार बोरी गेहूं की आवक दर्ज की गई। 55 बोरी शरबती गेहूं भी बिकने हेतु आया, जो नीलामी में 4171 क्विंटल बिक गया। इन दिनों जिले में अधिकांश क्षेत्र में गेहूं कटकर तैयार हो गया है। मंडी में आवक भी अच्छी होने लगी है।
शुक्रवार उज्जैन मंडी में 18 हजार बोरी गेहूं बिक्री हेतु आया। कारोबार करीब 4.50 करोड़ रु. का हुआ। बैंक अवकाश के चलते अधिकांश व्यापारियों ने किसानों को कृषि उपज का भुगतान आनलाइन उनके खाते में किया। मालवा में अब शरबती गेहूं का उत्पादन काफी कम होने लगा है।
शुक्रवार को 55 बोरी शरबती गेहूं मंडी नीलामी 4171 क्विंटल में बिका। चमक वाला लोकवन गेहूं ऊंचे में 3020 रुपये क्विंटल तक बिक गया। इस बार चमक वाले गेहूं की आवक कम होने से भाव में तेजी है। पोषक व मीडियम गेहूं के भाव कमजोर है।

