Site icon Mahakal Mandir News

बाबा महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला पहनाने पर 1 जनवरी से रोक


उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में फूलों की बड़ी और भारी माला पर एक जनवरी से रोक के आदेश जारी कर दिए गए हैं। नईदुनिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद मंदिर प्रशासन की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। इसके पहले मंदिर में आने वाले भक्तों को ऐसी माला नहीं खरीदने का अनुरोध भी किया जा रहा है।

Publish Date: Thu, 11 Dec 2025 11:15:57 AM (IST)

Updated Date: Thu, 11 Dec 2025 11:25:22 AM (IST)

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए दिए गए सुझावों में एक बात यह भी बताई गई थी कि फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पित किए जाएं। – फाइल फोटो

HighLights

  1. मंदिर प्रशासन ने एक्सपर्ट कमेटी के सुझाव पर अमल की तैयारी शुरू की
  2. 10 से 15 किलो वजनी मालाओं को बाबा महाकाल को चढ़ाया जा रहा था
  3. 500 से 2100 रुपये तक बिकने वाली अजगर मालाओं को भक्त खरीद रहे थे

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला पहनाने पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। मंदिर के उद्घोषणा कक्ष से भक्तों को नए नियम की जानकारी देने के लिए लगातार उद्घोषण की जा रही है। मंदिर समिति का भक्तों से अनुरोध है कि वे भगवान के लिए अजगर माला नहीं खरीदें। एक जनवरी से इस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए वर्ष 2017 में लगी एक जनहित याचिका पर सुनाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग के क्षरण की जांच तथा उसे रोकने के उपाय करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) के विशेषज्ञों की टीम गठित की थी। विशेषज्ञों ने वर्ष 2019 से जांच शुरू की तथा ज्योतिर्लिंग की सुरक्षित रखने के लिए अनेक सुझाव दिए।

इसमें एक सुझाव भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पण का था। लेकिन पिछले कुछ समय से विशेषज्ञों के सुझाव को दरकिनार करते हुए भगवान को फूलों की मोटी व बड़ी माला पहनाई जा रही थी। मंदिर के आसपास हारफूल की दुकानों पर भी 10 से 15 किलो वजनी मालाओं का विक्रय किया जा रहा था।

500 से 2100 रुपये तक बिकने वाली इन अजगर मालाओं को भक्त खरीद रहे थे। मंदिर के भीतर इन्हें भगवान को पहनाया भी जा रहा था। मामले में नईदुनिया ने 28 नवंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

प्रवेश द्वार पर पड़ताल के बाद मिलेगा प्रवेश

नया नियम लागू होने के बाद मंदिर के विभिन्न द्वारों पर तैनात गार्ड भक्तों द्वारा भगवान को अर्पण करने के लिए लाई जा रही पूजन सामग्री की जांच करेंगे। बड़ी व भारी फूल माला को गेट पर ही अलग रखवा दिया जाएगा। किसी भी सूरत में बड़ी फूल माला मंदिर के भीतर जाने नहीं दी जाएगी। यह व्यवस्था एक जनवरी से सख्ती से लागू होगी।

बड़ी व भारी फूल माला पर लगेगी रोक

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी के सुझाव पर भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला अर्पित करने पर रोक लगाई जा रही है। एक जनवरी से इस पर सख्ती से रोक रहेगी। – प्रथम कौशिक, प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति



Source link

Exit mobile version