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नौतपा 25 मई से… ज्योतिष के अनुसार रोहिणी का समुद्र में निवास कराएगा उत्तम वृष्टि


सुवृष्टि के लिए शुभलक्षणों में समय के निवास की भी स्थिति देखी जाती है। इस बार समय का निवास माली के घर होने को भी अच्छी बारिश से जोड़कर देखा जा रहा है। …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 21 May 2026 10:43:11 AM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 10:43:11 AM (IST)

उज्जैन: नौतपा 25 मई से... ज्योतिष के अनुसार रोहिणी का समुद्र में निवास कराएगा उत्तम वृष्टि
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. ज्योतिष : समय का निवास माली के घर होना भी सुवृष्टि का शुभ संकेत
  2. रोहिणी का निवास समुद्र के घर होने से यह उत्तम वृष्टि के संकेत दे रहा है
  3. पंचांग की गणना के अनुसार 25 मई को सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। 25 मई से नौतपा की शुरुआत होगी। यह समय वर्षा ऋतु के चक्र का निर्धारण करता है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इस बार रोहिणी का निवास समुद्र के घर होने से यह उत्तम वृष्टि के संकेत दे रहा है। वर्षा ऋतु में सुवृष्टि के लिए शुभलक्षणों में समय के निवास की भी स्थिति देखी जाती है। इस बार समय का निवास माली के घर होने को भी अच्छी बारिश से जोड़कर देखा जा रहा है।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया मेदिनी ज्योतिष के अनुसार जलवायु में परिवर्तन का कारक सूर्य जब नक्षत्र विशेष में प्रवेश करता है, तो मौसम को प्रभावित करता है। पंचांग की गणना के अनुसार 25 मई को सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होगा।

सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश को नौतपा कहा जाता है। क्योंकि सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश तो अधिकतम 14 दिन का रहता है, लेकिन बारिश का चक्र निर्मित करने के लिए प्रथम नौ दिन महत्वपूर्ण होते हैं। इन नौ दिनाें में वर्षाऋतु के अगले चार माह की स्थिति कैसी रहेगी इसका निर्धारण हो जाता है। नवतपा के नौ दिन में मौसम की अलग-अलग प्रकार की स्थिति बनती है। इसमें तेज धूप, आंधी तूफान, बूंदा बांदी, तेज बारिश, कम बारिश होती है। नौ दिन में होने वाले मौसम के परिवर्तन से बारिश की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज होगी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अतिवृष्टि, अल्प वृष्टि तथा खंड वृष्टि की स्थिति का पता लगाने के लिए रोहिणी व समय के निवास को देखा जाता है। इस बार रोहिणी का निवास समुद्र में है। समुद्र जल तत्व का प्रमुख केंद्र है, रोहिणी का निवास समुद्र में होने से नौतपा में वाष्पीकरण तेजी से होगा इससे बादल बनाने की प्रक्रिया तेज होगी जो बारिश कराएगी।



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