नागदा सिविल अस्पताल में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत के पोते मनीष गेहलोत पर मारपीट व शासकीय कार्य में बाधा ड …और पढ़ें
HighLights
- नागदा BMO ने मनीष गेहलोत के खिलाफ पुलिस में की लिखित शिकायत
- अस्पताल से कंप्यूटर यूनिट ले जाने और मारपीट करने का लगा गंभीर आरोप
- थाना प्रभारी बिरलाग्राम ने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। नागदा सिविल अस्पताल में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत के पोते मनीष गेहलोत पर मारपीट व शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। 25 मार्च को हुई इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी बहुप्रसारित हुआ है, जिसमें कुछ युवक अस्पताल से सीपीयू ले जाते दिखे, उस समय अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध ली थी।
निजी अस्पताल में रेफर करने का दबाव
बीएमओ डॉ. शिवराज सिंह कौशल के अनुसार, मनीष गेहलोत राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए शासकीय अस्पताल में आने वाले मरीजों को अपने नागदा स्थित निजी अस्पताल में रेफर करने के लिए दबाव बना रहे थे। उनके द्वारा क्षेत्र में संचालित आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक क्लीनिक बंद करवाने का प्रयास भी किया जा रहा था। साथ ही 25 मार्च को कुछ साथियों को लेकर जबरन सिविल अस्पताल परिसर में घुस आए और विभागीय कंप्यूटर यूनिट को उठाकर ले गए।
मारपीट और जान से मारने की धमकी
विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। डॉ. कौशल ने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि इस घटना से उनका परिवार भयभीत है। इस संबंध में नईदुनिया ने मनीष गेहलोत से चर्चा करना चाही लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया। बीएमओ की शिकायत मिली है, मामले में जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह कथन बिरलाग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र पाटीदार ने दिया है।
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