Site icon Mahakal Mandir News

उज्जैन से इंदौर-ओंकारेश्वर तक फैलेगा सिंहस्थ का दायरा


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 केवल उज्जैन तक सीमित आयोजन नहीं रहेगा। राज्य सरकार अब इसे पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र के समन्वित धार्मिक, पर्यटन और आधारभूत संरचना विकास प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर रही है। यही कारण है कि उज्जैन के साथ इंदौर, देवास, खंडवा, खरगोन, आगर-मालवा, शाजापुर और मंदसौर जैसे जिलों को भी तैयारियों का हिस्सा बनाया गया है।

उज्जैन और आसपास के सात जिलों में 16,910 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 148 विकास कार्य जारी हैं। साथ ही 491.66 करोड़ रुपये लागत के 17 नए कार्यों को हाल ही में मंजूरी दी गई है। सरकार का आकलन है कि सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन से केवल उज्जैन की व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा।

इसी कारण इंदौर, देवास, खंडवा, खरगोन और अन्य जिलों में भी आवास, पार्किंग, सड़क और जनसुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में होटल निर्माण से जुड़े लंबित बिल्डिंग परमिशन आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाए।

साथ ही होटल, लाज, धर्मशालाओं और होम-स्टे की उपलब्ध क्षमता का विस्तृत डाटा भी तैयार किया जाए।सिंहस्थ के संदर्भ में ही ओंकारेश्वर के लिए 160 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।

इनमें मल्टीलेवल पार्किंग, अस्पताल, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट और रेलवे ओवरब्रिज जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ीघाट क्षेत्र के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित होगा।

इससे खंडवा और खरगोन जिलों में चल रहे कार्यों के बेहतर समन्वय का रास्ता खुलेगा। इसके अलावा महेश्वर, मंडलेश्वर, नलखेड़ा और मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों को भी श्रद्धालु सुविधाओं के नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।



Source link

Exit mobile version