उज्जैन की 50 से अधिक कॉलोनियों के हजारों लोगों को जल्द निगम की पेयजल सुविधा मिलने वाली है।

HighLights
- 50 से ज्यादा कॉलोनियों को पेयजल राहत
- 20 साल बाद पहुंचेगी निगम की जलापूर्ति
- पहले चरण में 10 हजार लोगों को लाभ
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। उज्जैन शहर की 50 से अधिक कॉलोनियों के हजारों रहवासियों को जल्द ही पेयजल संकट से राहत मिलने वाली है। हरियाखेड़ी पेयजल योजना के तहत इन क्षेत्रों तक मुख्य राइजिंग पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया है। योजना पूरी होने के बाद पहले ओवरहेड टंकियों में शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा और इसके बाद घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से जलापूर्ति शुरू की जाएगी।
पुरानी जल व्यवस्था बनी थी बड़ी वजह
इंदौर रोड, मक्सी रोड और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 15 से 20 वर्षों में कई नई कॉलोनियां विकसित हुईं, लेकिन नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था वहां तक नहीं पहुंच सकी। वर्ष 1991 में गंभीर डेम से जल वितरण योजना शहर की उस समय की करीब साढ़े तीन लाख आबादी को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।
अब शहर की आबादी छह लाख से अधिक हो चुकी है, जबकि पुरानी पाइपलाइन और जल स्रोत नई बस्तियों की जरूरत पूरी करने में सक्षम नहीं रहे। इसी कारण इन इलाकों के लोग अब तक बोरिंग के पानी पर निर्भर थे।
पहले चरण में 15 कॉलोनियों को मिलेगा लाभ
हरियाखेड़ी पेयजल योजना के तहत तारामंडल से इंजीनियरिंग कॉलेज फोरलेन तक मुख्य राइजिंग पाइपलाइन बिछाई जा रही है। पहले चरण में करीब 15 कॉलोनियों के लगभग 10 हजार रहवासियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके बाद अन्य कॉलोनियों को भी चरणबद्ध तरीके से इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
सिलारखेड़ी तालाब बनेगा नया जल स्रोत
योजना के तहत सिलारखेड़ी तालाब की संग्रहण क्षमता 6 एमसीएम से बढ़ाकर 51 एमसीएम की जा रही है। हरियाखेड़ी में 100 एमएलडी क्षमता का आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। यहां पानी को शुद्ध कर मुख्य पाइपलाइन के जरिए शहर की टंकियों तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल इंटेकवेल, क्लैरिफ्लोक्युलेटर, फिल्टर हाउस और पाइपलाइन निर्माण का कार्य जारी है।