अब उज्जैन नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स और वाटर टैक्स घर बैठे वॉट्सएप से जमा होगा। इसके लिए नगर निगम ने नया वॉट्सएप नंबर जारी किया है।

HighLights
- नगरीय प्रशासन विभाग ने MP ई-नगरपालिका के तहत चैटबॉट सुविधा शुरू की है
- 75524-65110 नंबर पर ‘Hi’ भेजकर संपत्ति कर और जलकर की जानकारी ले सकते हैं
- सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पोर्टल पर अपडेट करने को भी कहा गया
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। उज्जैन नगर निगम में नागरिकों की सुविधा के लिए वॉट्सएप के जरिए प्रॉपर्टी टैक्स और वाटर टैक्स जमा करने के लिए नंबर जारी किया है। अब इसके लिए निगम के ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी। यह सारा काम घर बैठे मोबाइल के जरिए किया जा सकेगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने एमपी ई-नगरपालिका के तहत वॉट्सएप चैटबॉट सुविधा शुरू की है। अब उपभोक्ता 75524-65110 नंबर पर ‘Hi’ भेजकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपत्ति कर और जलकर की जानकारी प्राप्त करने के साथ ऑनलाइन भुगतान भी कर सकते हैं। इसके अलावा एमपी ई-नगरपालिका पोर्टल के माध्यम से भी कर जमा करने की सुविधा उपलब्ध है।
एक आईडी से दोनों कर का भुगतान
नगर निगम उपभोक्ताओं को डिजिटल सुविधा देने की दिशा में भी काम कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जलकर आईडी को संपत्ति कर आईडी से लिंक किया जाए, ताकि नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म से दोनों करों का ऑनलाइन भुगतान कर सकें। इसके लिए सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर एमपी ई-नगरपालिका पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
इधर… बड़े बकायेदारों पर कुर्की-तालाबंदी की तैयारी
नगर निगम ने 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत से पहले संपत्ति कर और जलकर की बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त रुख अपना लिया है। बड़े बकायेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध नल कनेक्शनों पर भी अभियान चलाकर उन्हें काटा जाएगा।
गुरुवार को उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल ने संपत्ति कर और जलकर विभाग की समीक्षा बैठक की। सभी जोन अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बड़े बकायेदारों को तत्काल बिल जारी किए जाएं और घर-घर जाकर बिलों का वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोक अदालत से पहले अधिकतम राजस्व की वसूली हो सके। कहा कि लोक अदालत की तैयारियां मिशन मोड में की जाएं। जिन करदाताओं को बार-बार नोटिस देने के बाद भी उन्होंने संपत्ति कर और जलकर जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीएचई विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि शहर में अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए। जिन उपभोक्ताओं ने कई बार नोटिस मिलने के बावजूद अपने नल कनेक्शन वैध नहीं कराए हैं, उनके कनेक्शन तत्काल काटे जाएं।