सुबह भस्म आरती में पुजारियों ने भगवान महाकाल को एक लोटा केसरिया रंग अर्पित कर रंगपंचमी पर्व की शुरुआत की। …और पढ़ें
HighLights
- महाकाल मंदिर के अंदर होली खेलने पर लगा हुआ है प्रतिबंध
- सभी भक्तों को जांच के बाद ही मंदिर में दिया जा रहा प्रवेश
- संध्या आरती में भी अर्पित किया जाएगा केसरिया रंग
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन में भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को एक लोटा केसरिया रंग अर्पित किया गया। इसके साथ ही शहर में रंगपंचमी की शुरुआत हो गई। शहर में अब दिनभर रंगों का उत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद शाम को श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह निकला जाएगा। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर की पूजन परंपरा अनुसार राजा के आंगन में रंग-रंगीली होली का आयोजन किया जा रहा है।
सुबह भस्म आरती में पुजारियों ने भगवान महाकाल को एक लोटा केसरिया रंग अर्पित कर रंगपंचमी पर्व की शुरुआत की। इसके बाद शाम को संध्या आरती में बाबा महाकाल को एक लोटा केसरिया रंग और गुलाल भी अर्पित किया जाएगाl मंदिर के अंदर होली खेलने पर प्रतिबंध है।
मंदिर के भीतर रंग, गुलाल तथा प्रेशर गन आदि उपकरण ले जाने पर भी रोक लगी है। प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षाकर्मी जांच-पड़ताल के बाद ही भक्तों को प्रवेश दे रहे हैंl मंदिर समिति ने दर्शनार्थियों से अनुरोध किया है कि रंग, गुलाल तथा किसी भी प्रकार के रंग उड़ाने वाले उपकरण लेकर नहीं आएं। व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें तथा निर्धारित जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश करें।
सीएम डॉ. मोहन यादव आज महाकाल मंदिर पहुंचे और अभिषेक-पूजन के बाद उन्होंने तलवार से कालाबाजी दिखाई। परंपरानुसार शाम को मंदिर से ध्वज चल समारोह निकलेगा।
चार विभिन्न स्थानों से निकलेगी गेर
रंगपंचमी पर्व पर शहर में पारंपरिक रूप से चार विभिन्न स्थानों से गेर निकाली जाएगी। इसमें मुख्य रूप से श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली ध्वज यात्रा तथा कृष्ण-सुदामा रंगोत्सव यात्रा महत्वपूर्ण रहेगी। जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे।

