नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन नगर निगम मुख्यालय के पीछे पंच पीर मजार के आसपास बढ़े अतिक्रमण पर शनिवार को नगर निगम का बुलडोजर चला। कार्रवाई, पुलिस के पहरे में घंटो चली। निगम की रिमूवल टीम ने बुल्डोजर चला अवैध निर्माण, शेड और बाउंड्री को हटाया। इस कार्रवाई में करीब 6 हजार स्क्वायर फीट शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
निगम अधिकारियों के अनुसार, सेटेलाइट इमेज के अध्ययन में स्पष्ट हुआ था कि वर्ष-2000 में उक्त स्थल पर मात्र लगभग 20 स्क्वायर फीट क्षेत्र में एक छोटा सा चबूतरा या दरगाहनुमा संरचना दिखाई देती है। लेकिन 2011, 2021 और 2025 की सैटेलाइट तस्वीरों में इसी स्थान पर अवैध रूप से अतिक्रमण बढ़ता गया।
धीरे-धीरे यहां टीन शेड, अस्थायी निर्माण, दीवारें और बाउंड्रीवाल बना दी गईं। साथ ही क्षेत्र में घनी झाड़ियां फैल गईं, जिनकी आड़ में असामाजिक तत्वों के डेरा डालने और गंदगी फैलाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे नगर निगम की रिमूवल टीम ने कार्रवाई की शुरुआत की।
पुलिस बल तैनात रहा
चार जेसीबी मशीनों, डंपरों और अन्य संसाधनों की मदद से अवैध निर्माणों को तोड़ा गया। मौके पर सीएसपी कोतवाली राहुल देशमुख (आईपीएस) सहित पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आम नागरिकों की आवाजाही नियंत्रित की गई। कार्रवाई के दौरान टीन शेड, दीवारें और बाउंड्रीवाल हटाई गईं, वहीं भूमि का समतलीकरण भी कराया गया।
निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर भी मौके पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मजार या धार्मिक स्थल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है, बल्कि उसके आसपास किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित कमेटी को पहले भी दो बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद मजबूरी में सख्त कदम उठाना पड़ा।
जमीन शासकीय है, ऐसा लिखा बोर्ड लगेगा
कार्रवाई के बाद नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने स्थल पर शासकीय भूमि का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो सके। निगम द्वारा क्षेत्र में लगातार मुनादी कर नागरिकों से अतिक्रमण न करने और गंदगी न फैलाने की अपील भी की जा रही है।
निगम का कहना है कि शहर में शासकीय भूमि की सुरक्षा और सार्वजनिक हित में आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इधर, मजार कमेटी के सदस्य मोहम्मद गुफरान ने निगम पर पूर्व में कराई गई तार फेंसिंग तोड़ने का आरोप लगाया और भविष्य में सहयोग की बात कही।

