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उज्जैन में गेहूं खरीदी केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सात दिन में भुगतान करने के दिए निर्देश


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार दोपहर हेलीकॉप्टर से सीधे नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो गेहूं खरीदी केंद्र पहुंचे। उनके इस औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी। सूचना मिलने पर अफसरों में हड़कंप मच गया।

सीएम ने यहां गेहूं खरीदी की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा। तौल व्यवस्था, किसानों की कतार, भंडारण और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। कई जगह किसानों को इंतजार करना पड़ रहा था, जबकि कुछ व्यवस्थाएं अधूरी नजर आईं। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि खरीदी केंद्र पर किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने साफ निर्देश दिए कि तौल कांटों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। सबसे बड़ा फैसला वेयरहाउस क्षमता को लेकर लिया गया। सीएम ने मौके पर ही भंडारण क्षमता बढ़ाने के आदेश जारी किए। उनका कहना था कि मौसम खराब होने पर सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होता है, इसलिए अनाज की सुरक्षा पुख्ता होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और तेज बनाया जाए। किसानों को समय पर भुगतान मिले, इसके लिए लगातार मानिटरिंग की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सात दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

किसानों की समस्याएं सुनीं

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत भी की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और किसी भी तरह की दिक्कत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर खरीदी प्रक्रिया में भाग लें और किसी समस्या पर तुरंत प्रशासन से संपर्क करें। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री इससे पहले भी अलग-अलग जिलों में इसी तरह औचक निरीक्षण कर चुके हैं, जिससे साफ है कि सरकार अब खरीदी व्यवस्था को लेकर जमीनी स्तर पर सख्ती दिखा रही है।

कांग्रेस बोली- कल चक्काजाम करेंगे

मंगलवार को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक हुई, जिसमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने गेहूं उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। कहा कि किसान टोकन सिस्टम, तुलाई में गड़बड़ी और भुगतान में देरी से परेशान हैं, जिससे उन्हें मजबूरन बिचौलियों के हाथों फसल बेचनी पड़ रही है।

भाटी ने आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल रहा, जबकि फसल खुले में खराब होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने नरवाई मामलों में सख्ती और कर्ज माफी के अभाव को भी किसानों के खिलाफ बताया। इन मुद्दों को लेकर 7 मई को चक्काजाम करने का ऐलान किया। तय हुआ कि उज्जैन से करीब 150 वाहनों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होंगे। कांग्रेस ने खरीदी व्यवस्था सुधारने, समय पर भुगतान और किसानों को राहत देने की मांग उठाई है।

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