उज्जैन शहर में ई-रिक्शा चालकों को निशाना बना व वाहन चालू कराने के नाम पर ठगी और अवैध वसूली करने वाले गिरोह की शिकायत सामने आई है। मामले में पुलिस ने ए…और पढ़ें

HighLights
- ई-रिक्शा चालकों को झांसे में लेकर वसूली का खेल सामने आया है
- ठगी और अवैध वसूली करने वाले गिरोह की शिकायत सामने आई है
- मदद के बाद 200 से 300 रुपये या उससे अधिक रकम की मांग करते थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। शहर में ई-रिक्शा चालकों को निशाना बना व वाहन चालू कराने के नाम पर ठगी और अवैध वसूली करने वाले गिरोह की शिकायत सामने आई है। मामले में पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार कुछ ई-रिक्शा चालकों और असंगठित ई-रिक्शा चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारियों ने एएसपी आलोक शर्मा से शिकायत की थी।
शिकायत के अनुसार कुछ युवक रात के समय सुनसान और कम भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं। ई-रिक्शा अचानक बंद होने पर वे चालक के पास पहुंचकर स्वयं को तकनीकी जानकार बताते हैं और वाहन चालू कराने के बदले 200 से 300 रुपये या उससे अधिक रकम की मांग करते हैं।
परेशानी का फायदा उठाना चाह रहे थे असामाजिक तत्व
जांच में ये सामने आया शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ असामाजिक तत्व चालकों की परेशानी का फायदा उठाकर उनसे रुपये ऐंठने का प्रयास कर रहे हैं।
शिकायत में यह दावा भी किया गया है कि कुछ लोग मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए वाहन की बैटरी या सिस्टम को प्रभावित करने की बात कहते हैं। जांच के बाद नीलगंगा पुलिस ने ग्राम नवली निवासी 18 वर्षीय रीतेश भानूपा को संदेह के आधार पर अभिरक्षा में लिया है। उससे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है।