वर्तमान में भुज (कच्छ) में पदस्थ जिनेन्द्र पिछले 16 वर्षों से वायुसेना की विभिन्न लड़ाकू स्क्वाड्रनों में सेवाएं दे रहे हैं।

HighLights
- सम्मान 26 जनवरी 2026 को प्रदान किया गया
- जिनेन्द्र सुराना वर्तमान में भुज कच्छ में पदस्थ हैं
- वे 16 वर्षों से वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं
नईदुनिया न्यूज, उज्जैन। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण दिखाने वाले भारतीय वायुसेना के सार्जेंट जिनेन्द्र सुराना को प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। उज्जैन निवासी जिनेन्द्र सुराना को 26 जनवरी 2026 को कमांडिंग-इन-चीफ कमांडेशन प्रदान किया गया। वर्तमान में वे भुज (कच्छ) में पदस्थ हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में निभाई जिम्मेदारी
सार्जेंट जिनेन्द्र सुराना भारतीय वायुसेना की लड़ाकू स्क्वाड्रन में पदस्थ हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी वे भुज स्थित एक लड़ाकू स्क्वाड्रन में तैनात थे और अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। ऑपरेशन के दौरान उनके उल्लेखनीय योगदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए वायुसेना की ओर से उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।
असाधारण सेवा के लिए मिलता है कमांडेशन
कमांडिंग-इन-चीफ कमांडेशन वायुसेना के उन अधिकारियों और जवानों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों के दौरान असाधारण निष्ठा, साहस, कर्तव्यपरायणता या सराहनीय योगदान का प्रदर्शन किया हो। यह सम्मान संबंधित क्षेत्रीय वायु कमान के कमांडिंग-इन-चीफ द्वारा प्रदान किया जाता है।
16 वर्षों से वायुसेना में सेवा
सार्जेंट जिनेन्द्र सुराना पिछले 16 वर्षों से भारतीय वायुसेना की विभिन्न लड़ाकू स्क्वाड्रनों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लंबे सैन्य सेवाकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान मिला। उज्जैन निवासी जिनेन्द्र सुराना की उपलब्धि से उनके परिवार, परिचितों और शहरवासियों में खुशी का माहौल है।