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उज्जैन के महाकाल मंदिर में 30 जुलाई से 7 सितंबर तक होगा श्रावण महोत्सव, प्रस्तुति के लिए कलाकारों ने भेजी प्रविष्टि


ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर उज्जैन में 30 जुलाई से 7 सितंबर तक 21वां अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव आयोजित होगा। …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 11:39:52 AM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 11:45:34 AM (IST)

उज्जैन के महाकाल मंदिर में 30 जुलाई से 7 सितंबर तक होगा श्रावण महोत्सव, प्रस्तुति के लिए कलाकारों ने भेजी प्रविष्टि
महाकाल मंदिर उज्जैन। – फाइल फोटो

HighLights

  1. आयोजन श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार स्थित त्रिवेणी संग्रहालय सभागार में होगा
  2. 350 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने प्रस्तुति के लिए आवेदन भेजे हैं
  3. हर शनिवार रसरंजक शाम में गीत, संगीत व नृत्य की तीन प्रस्तुतियां होंगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 30 जुलाई से 7 सितंबर तक आयोजित होने वाले 21वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव में प्रस्तुति देने के लिए देशभर के 350 से अधिक कलाकारों ने प्रविष्टि भेजी है। इस बार भी यह आयोजन श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार के समीप स्थित त्रिवेणी संग्रहालय के सभागार में होगा।

प्रति शनिवार को रसरंजक शाम में कलाकार गीत, संगीत व नृत्य की प्रस्तुति देंगे। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया मंदिर समिति ने श्रावण महोत्सव में प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए थे। मंदिर की वेबसाइट पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन की तिथि 27 मई से 10 जून शाम 6 बजे तक निर्धारित की गई थी।

इस अवधि में स्थानीय के साथ देश के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्धन्य कलाकारों ने आवेदन किए हैं। इसकी अनुमानित संख्या 350 से अधिक है। कलाकार चयन के लिए समिति गठित कर दी है। जल्द ही चयन समिति की बैठक होगी, तो प्राप्त आवेदनों पर गौर करते हुए गीत, संगीत व नृत्य श्रेणी में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का चयन करेगी।

प्रत्येक शाम तीन प्रस्तुति

श्रावण महोत्सव देश का प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसकी तुलना खजुराहो, तानसेन समारोह जैसे देश के प्रमुख कार्यक्रमों से की जाती है। श्रावण व भाद्रपद मास में प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली सांस्कृतिक शाम में गीत, संगीत व नृत्य की तीन प्रस्तुति होती है। इनमें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के साथ एक स्थानीय कलाकार को भी मंच साझा करने का अवसर मिलेगा।

इस बार कब-कब आयोजन

  • 1 अगस्त : प्रथम सांस्कृतिक सांझ
  • 8 अगस्त : द्वितीय सांस्कृतिक सांझ
  • 15 अगस्त : तृतीय सांस्कृतिक सांझ
  • 22 अगस्त : चतुर्थ सांस्कृतिक सांझ
  • 29 अगस्त : पंचम सांस्कृतिक सांझ
  • 5 सितंबर : समापन संध्या



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