मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर में गोवा से आए एक श्रद्धालु ने सैकड़ों जूतों के बीच अपनी चप्पलें खोजने के लिए चैटजीपीटी का सहा…और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, उज्जैन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल शैक्षणिक कार्यों, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या कॉर्पोरेट जॉब्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रयोग आम जिंदगी की उलझनों को सुलझाने में भी तेजी से होने लगा है। इसका एक दिलचस्प नज़ारा मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर के बाहर देखने को मिला, जहां गोवा से आए एक श्रद्धालु ने सैकड़ों जूतों के बीच अपनी चप्पलें खोजने के लिए चैटजीपीटी का सहारा लिया।
चप्पल स्टैंड की भीड़ में गुम हुई जोड़ी
गोवा के रहने वाले शुभांग बोरकर महाकालेश्वर भगवान के दर्शन करने उज्जैन आए थे। मंदिर में दर्शन के बाद जब वे बाहर निकले, तो जूता स्टैंड और उसके आसपास सैकड़ों जूतों-चप्पलों का अंबार लगा हुआ था। भीड़ और चप्पलों के विशाल ढेर के कारण उन्हें अपनी चप्पल की जोड़ी ढूंढने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी।
स्मार्टफोन और ChatGPT का स्मार्ट कॉम्बिनेशन
इस परेशानी का समाधान निकालने के लिए शुभांग ने एक अनोखी तरकीब अपनाई। उन्होंने सबसे पहले अपनी चप्पलों की एक पुरानी या उपलब्ध अलग फोटो AI को दी, ताकि चैटजीपीटी उसके रंग, ब्रांड और डिजाइन को समझ सके। इसके बाद उन्होंने चप्पल स्टैंड और रैक के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें खींचकर चैटजीपीटी पर अपलोड कीं। उन्होंने AI को अपनी लोकेशन महाकाल मंदिर बताई और रैक की तस्वीरों में से अपनी चप्पल की जोड़ी को पहचानने का निर्देश दिया।
तस्वीर विश्लेषण के बाद मिला सटीक स्थान
तस्वीरों का गहन विश्लेषण करने के बाद ChatGPT ने रैक के एक विशिष्ट हिस्से की पहचान की और इशारा किया कि उनकी चप्पलें कहां हो सकती हैं। शुभांग ने जब AI द्वारा बताए गए स्थान की जांच की, तो उनकी चप्पलें वहीं रखी मिलीं। शुभांग ने अपने इस अनूठे प्रयोग का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर ‘Used ChatGPT to Find My Lost Clogs’ शीर्षक के साथ पोस्ट किया।
वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक आम समस्या को AI विजन की मदद से मिनटों में सुलझा लिया गया। इंटरनेट मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग दैनिक जीवन में AI के इस तरह के व्यावहारिक प्रयोग की काफी तारीफ कर रहे हैं।