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उज्जैन के मंदिरों में अब श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन ही नहीं अच्छा व्यवहार भी मिलेगा, कर्मचारियों को देंगे विनम्रता की ट्रेनिंग


उज्जैन में बढ़ती श्रद्धालु भीड़ और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने मंदिर व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव करने के निर्देश द …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 21 May 2026 08:37:48 AM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 08:45:59 AM (IST)

उज्जैन के मंदिरों में अब श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन ही नहीं अच्छा व्यवहार भी मिलेगा, कर्मचारियों को देंगे विनम्रता की ट्रेनिंग
उज्जैन महाकाल मंदिर। फाइल फोटो

HighLights

  1. कलेक्टर रौशन सिंह बोले मंदिर कर्मचारियों को श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार की ट्रेनिंग दी जाएगी
  2. हर बड़े मंदिर में कंट्रोल रूम बनेगा महाकाल कंट्रोल रूम से जुड़ेगी भीड़ की जानकारी
  3. मंगलनाथ, काल भैरव, गढ़कालिका, हरसिद्धि मंदिर में जूता स्टैंड छांव पेयजल सुविधा बढ़ेगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच अब प्रशासन मंदिरों की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह एक्टिव हो गया है। बुधवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने जिले के बड़े मंदिरों के प्रशासकों की बैठक लेकर साफ कहा कि श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन ही नहीं, अच्छा व्यवहार और व्यवस्थित व्यवस्था भी मिलनी चाहिए।

इसके लिए मंदिर कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे श्रद्धालुओं से विनम्रता से पेश आएं। बैठक में सबसे ज्यादा जोर भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हर बड़े मंदिर में कंट्रोल रूम बनाया जाए, ताकि भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

मंदिरों में धक्का-मुक्की का माहौल नहीं बनना चाहिए

सभी मंदिरों की जानकारी महाकाल मंदिर के कंट्रोल रूम से भी जुड़ी रहेगी। कलेक्टर ने साफ कहा कि मंदिरों में भीड़ का ‘धक्का-मुक्की वाला माहौल’ नहीं बनना चाहिए। श्रद्धालुओं की लाइनें व्यवस्थित रहें, क्रास मूवमेंट न हो और किसी तरह की अफवाह फैलने से पहले ही पीए सिस्टम से सही जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि हर समय मंदिर में जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा सकें।

बैठक में मंदिरों की कमाई और खर्च का हिसाब-किताब भी चर्चा में रहा। कलेक्टर ने कहा कि मंदिरों के बैंक खातों में जो पैसा जमा है, उसका उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने में किया जाए। अनावश्यक बैंक खाते खोलने से बचें और खर्च का रिकॉर्ड साफ-सुथरा रखें। मंगलनाथ मंदिर में सुबह ज्यादा भीड़ रहने पर वहां शीघ्र दर्शन काउंटर आगे लगाने और अलग होल्डिंग एरिया बनाने के निर्देश दिए गए। काल भैरव मंदिर में पेयजल और छांव बढ़ाने को कहा गया।

गढ़कालिका मंदिर में त्योहार और सामान्य दिनों के लिए अलग व्यवस्था बनाने तथा हरसिद्धि मंदिर में अच्छे जूता स्टैंड और स्पष्ट संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रथम कौशिक, एल एन गर्ग सहित अन्य मंदिरों के अधिकारी मौजूद रहे।

जानिये, मंदिरों में क्या-क्या बदलने वाला है

  • हर बड़े मंदिर में कंट्रोल रूम बनेगा
  • कर्मचारियों को व्यवहार की ट्रेनिंग मिलेगी
  • धक्का-मुक्की रोकने नई व्यवस्था बनेगी
  • जूता स्टैंड, पेयजल और छांव बढ़ाई जाएगी
  • पीए सिस्टम से तुरंत सूचना दी जाएगी
  • महाकाल कंट्रोल रूम से सभी मंदिर जुड़े रहेंगे

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